Heart disease in women: अक्सर माना जाता है कि हार्ट डिजीज (Heart Disease) सिर्फ पुरुषों में ज्यादा होती है, लेकिन सच यह है कि महिलाएं भी इस खतरे से बराबर प्रभावित होती हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग दिखाई देते हैं। यही कारण है कि समय पर पहचान और इलाज में देरी हो जाती है।
Women Heart Symptoms: लाइफस्टाइल में बदलाव, हार्मोनल असंतुलन और जेनेटिक कारण महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाते हैं। अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं महिलाओं में हार्ट डिजीज की सबसे आम प्रकार और उनके लक्षण।
1. कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease)
यह महिलाओं में सबसे आम हार्ट डिजीज है। इसमें दिल की आर्टरीज़ में प्लाक जमने लगता है जिससे ब्लड का फ्लो प्रभावित होता है।
लक्षण: सीने में दर्द, थकान, सांस फूलना और बार-बार चक्कर आना।
2. मायोकार्डियल इंफार्क्शन (Heart disease)
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं। जहां पुरुषों में सीने में तेज दर्द आम है, वहीं महिलाओं में यह मतली, पीठ दर्द, जबड़े में दर्द और असामान्य थकावट के रूप में दिख सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है।
3. हार्ट रेट की अनियमितता (Arrhythmia)
इसमें दिल की धड़कन बहुत तेज (टैकीकार्डिया) या बहुत धीमी (ब्रैडीकार्डिया) हो सकती है।
कारण: तनाव, थायरॉयड की समस्या या हार्मोनल बदलाव।
लक्षण: धड़कन का अनियमित होना, चक्कर और बेचैनी।
4. हार्ट फेलियर
जब दिल शरीर की ज़रूरत के मुताबिक ब्लड पंप नहीं कर पाता तो यह स्थिति बनती है।
लक्षण: सांस फूलना, पैरों में सूजन, लगातार खांसी और थकान।
5. वाल्वुलर हार्ट डिजीज
इस बीमारी में दिल के वाल्व सही तरीके से काम नहीं करते जिससे ब्लड फ्लो रुक जाता है।
कारण: महिलाओं में यह समस्या अक्सर रूमेटिक फीवर या किसी संक्रमण के बाद ज्यादा पाई जाती है।
6. पेरिकार्डिटिस
यह हार्ट को घेरे झिल्ली में सूजन के कारण होता है।
लक्षण: सीने में तेज दर्द, बुखार और कमजोरी।
कारण: वायरल इंफेक्शन, ऑटोइम्यून बीमारियां या सर्जरी के बाद।
7. हाइपरटेंशन (High BP)
मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।
महिलाओं को कैसे रखना चाहिए दिल का ख्याल?
नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें।
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं – संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज़ करें।
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
धूम्रपान और अल्कोहल से बचें।
महिलाओं में हार्ट डिजीज के लक्षण हमेशा साफ़ नहीं दिखते, इसलिए जागरूक रहना और समय पर जांच करवाना बहुत ज़रूरी है। सही देखभाल और सतर्कता से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
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