Perplexity AI का टेक दुनिया में भूचाल: Google Chrome खरीदने के लिए 34.5 अरब डॉलर का ऑफर लगाने वाले अरविंद श्रीनिवास कौन हैं?

Perplexity AI Aravind Srinivas News: टेक दुनिया में हलचल मच गई है! महज 3 साल पुराना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Perplexity AI ने Google के मशहूर Chrome ब्राउजर को खरीदने के लिए 34.5 अरब डॉलर (करीब 3.02 लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम बोली लगा दी है।

Perplexity AI का टेक दुनिया में भूचाल: Google Chrome खरीदने के लिए 34.5 अरब डॉलर का ऑफर लगाने वाले अरविंद श्रीनिवास कौन हैं?

Artificial Intelligence Tech Update News:2008 में लॉन्च हुआ Chrome आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला वेब ब्राउजर है और Google के पूरे बिजनेस व स्ट्रेटेजी में इसका बेहद अहम रोल है।

WhatsApp Group
Join Now
Telegram Group
Join Now

तीन साल पुराना स्टार्टअप, लेकिन दमदार इनवेस्टमेंट

Perplexity AI की शुरुआत साल 2022 में हुई थी और इतने कम समय में यह कंपनी टेक दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्टार्टअप ने अब तक करीब 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,766 करोड़ रुपये) का इनवेस्टमेंट जुटाया है।

इसमें Nvidia और SoftBank जैसी दिग्गज कंपनियां भी निवेश कर चुकी हैं। कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन करीब 14 बिलियन डॉलर बताई जाती है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by GOLD HOUSE (@goldhouseco)

कौन हैं Perplexity AI के CEO अरविंद श्रीनिवास?

इस बड़े ऑफर के पीछे जिस शख्स का नाम चर्चा में है, वह हैं अरविंद श्रीनिवास, जो भारतीय मूल के हैं। जिनका जन्म: चेन्नई, भारत में ही हुआ है। और उनकी
पढ़ाई: IIT मद्रास से ग्रेजुएशन, और फिर University of California, Berkeley से उच्च शिक्षा के चले गए थे।

अभी उनका करियर: Perplexity शुरू करने से पहले Google में काम किया और कनाडा के मशहूर कंप्यूटर साइंटिस्ट Yoshua Bengio के साथ भी रिसर्च की।

Perplexity AI की शुरुआत और खासियत

2022 में अरविंद श्रीनिवास ने Denis Yarats, Johnny Ho और Andy Konwinski के साथ मिलकर Perplexity AI की नींव रखी।
यह प्लेटफॉर्म असल में एक Conversational AI Search Engine है, जो रियल-टाइम में यूजर्स को सटीक जानकारी देता है। हाल ही में कंपनी ने अपना AI-पावर्ड ब्राउजर Comet भी लॉन्च किया है।

Google के लिए Chrome क्यों है इतना जरूरी?

सबसे ज्यादा यूजरबेस – Chrome दुनिया का सबसे लोकप्रिय ब्राउजर है।

डेटा कलेक्शन और एनालिटिक्स – यूजर्स की इंटरनेट आदतों को समझकर Google अपने सर्च रिजल्ट और एड्स को बेहतर बनाता है।

Google सर्विस इंटीग्रेशन – Gmail, Google Drive, YouTube, Google Docs जैसी सर्विसेज तक आसान पहुंच देता है।

रेवेन्यू और स्ट्रेटेजी में अहम रोल – Google की कई सेवाएं और प्रोडक्ट्स Chrome के जरिए यूजर्स तक पहुंचते हैं।

अगर यह डील पूरी हो जाती है, तो यह टेक इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा, क्योंकि Chrome केवल एक ब्राउजर नहीं, बल्कि Google के इकोसिस्टम की रीढ़ है।

Shah Shivangi
Facebook
WhatsApp Group
Join Now
Telegram Group
Join Now

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top