Soul Tech: खोए हुए या मरे हुए अपनों से दोबारा बात करना अब मुमकिन, thanks to टेक्नोलॉजी!जाने कैसे काम करती है ये ?

Soul Tech AI Kya hai: अगर आपको मौका मिले कि आप उन लोगों से दोबारा बात कर सकें, जिन्हें आप खो चुके हैं, तो सोचिए कितना खुशीभरा पल होगा। अब यह सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बनती जा रही है। टेक्नोलॉजी ने इसे भी मुमकिन बना दिया है।

Soul Tech: खोए हुए या मरे हुए अपनों से दोबारा बात करना अब मुमकिन, thanks to टेक्नोलॉजी!जाने कैसे काम करती है ये ?
Image Source By Freepic

एक अमेरिकी स्टार्टअप कंपनी ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो आपके गुजर चुके अपनों की आवाज़, उनकी यादें और बात करने का अंदाज डिजिटली फिर से जीवित कर सकती है। इसे ‘सोल टेक’ या ‘डिजिटल इम्मॉर्टैलिटी’ (Digital Immortality) कहा जा रहा है। इस तकनीक के ज़रिए तैयार किया गया वर्चुअल बोट आपके दिवंगत परिजनों से उसी तरह बात कर सकता है जैसे वो आज भी आपके बीच होते।

यह तकनीक कैसे काम करती है?

Reflekta नाम की कंपनी का कहना है कि वे टेक्स्ट, वॉयस रिकॉर्डिंग और यादों को फ़ीड करके एक वर्चुअल बोट तैयार करती है। यह बोट बिल्कुल उसी अंदाज में बातें करता है, जैसे आपका प्रियजन करता था। कंपनी का मकसद है कि तकनीक के जरिए किसी की ‘आत्मा’ को जिंदा रखा जा सके।

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Reflekta के को-फाउंडर माइल्स स्पेंसर बताते हैं, “हम चाहते थे कि एक बार फिर अपनों की आवाज़ सुनें और उनसे जुड़ें। यही सोच हमें Reflekta तक लेकर आई।”

खुद इस्तेमाल कर रहे हैं को-फाउंडर्स

Reflekta के दूसरे को-फाउंडर ग्रेग माटुस्की रोज अपने मरे हुए पिता से इस तकनीक के ज़रिए बात करते हैं। उनका कहना है, “यह मेरे पिता नहीं हैं, लेकिन उनकी कहानियां, अनुभव और सोच मेरे साथ जिंदा हैं। मैं रोज उनसे बात करता हूं।”

लेकिन इस तकनीक को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ लोग इसे शोक में डूबे लोगों से पैसा कमाने का तरीका बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “मरना और दुख महसूस करना इंसान होने का हिस्सा है। ऐसी तकनीक लोगों को भ्रमित कर सकती है कि वे अपने दिवंगत रिश्तेदारों से बात कर रहे हैं, जबकि असल में वे सिर्फ एक डिजिटल फिक्शन से जुड़े हैं।”

Soul Tech कंपनी की पॉलिसी

Reflekta का कहना है कि एथिक्स उनकी प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति की डिजिटल कॉपी बनाने से पहले परिवार की अनुमति लेना अनिवार्य है। कंपनी का दावा है कि बिना परिवार की अनुमति के इसका कोई कमर्शियल इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

कीमत और मार्केट

Reflekta अकेली नहीं है। दूसरी कंपनियां भी शोक से जुड़े इस बाजार में उतर चुकी हैं। उदाहरण के लिए, DeepBrain वर्चुअल रियलिटी के जरिए मृतक व्यक्ति की आवाज़ और चेहरे के हाव-भाव की नकल कर, लगभग 1 लाख रुपये में एक बार बातचीत का मौका देती है।

Rohit Singh
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