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Third Party Apps क्या होती हैं? फायदे, नुकसान और इस्तेमाल से पहले जानने वाली जरूरी बातें

Third party apps meaning in Hindi: अगर आप स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो आपने थर्ड-पार्टी ऐप्स का नाम जरूर सुना होगा। अक्सर यह सलाह भी दी जाती है कि कुछ खास तरह की थर्ड-पार्टी ऐप्स से दूरी बनाकर रखें। लेकिन आखिर ये ऐप्स होती क्या हैं और इन्हें लेकर इतना अलर्ट क्यों रहने को कहा जाता है?

Third Party Apps क्या होती हैं? फायदे, नुकसान और इस्तेमाल से पहले जानने वाली जरूरी बातें
Image Source By AI (Third party apps tech explainer)

Third party apps ke nuksan:आज के इस टेक एक्सप्लेनर में हम थर्ड-पार्टी ऐप्स से जुड़े हर जरूरी सवाल का आसान भाषा में जवाब दे रहे हैं।

थर्ड-पार्टी ऐप्स क्या होती हैं?

Third party apps ke fayde: जब कोई मोबाइल कंपनी अपने फोन के लिए खुद ऐप्स बनाती है, तो उन्हें फर्स्ट-पार्टी या नेटिव ऐप्स कहा जाता है। वहीं, अगर फोन या ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी के अलावा कोई दूसरी कंपनी ऐप डेवलप करती है, तो वह थर्ड-पार्टी ऐप कहलाती है।

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जैसे Google, Apple और Samsung अपने फोन में कुछ नेटिव ऐप्स देती हैं, लेकिन इनके अलावा जो ऐप्स यूजर डाउनलोड करता है—वही थर्ड-पार्टी ऐप्स होती हैं।

आज फोटोग्राफी, ऑनलाइन पेमेंट, म्यूजिक, वीडियो स्ट्रीमिंग या नोट्स बनाने जैसे लगभग हर काम के लिए थर्ड-पार्टी ऐप्स मौजूद हैं। कई मामलों में इनमें नेटिव ऐप्स से ज्यादा फीचर्स भी मिल जाते हैं।

थर्ड-पार्टी ऐप्स के प्रकार

थर्ड-पार्टी ऐप्स को मोटे तौर पर तीन कैटेगरी में बांटा जा सकता है:

1️⃣ ऑफिशियल ऐप स्टोर पर उपलब्ध ऐप्स

ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली थर्ड-पार्टी ऐप्स होती हैं, जैसे WhatsApp, Instagram, PhonePe और Netflix। ये ऐप्स Google Play Store या Apple App Store पर उपलब्ध होती हैं।

इनका फायदा यह है कि स्टोर पर लिस्ट होने से पहले इन्हें प्राइवेसी, सिक्योरिटी और कंपैटिबिलिटी जैसे कई चेक्स से गुजरना पड़ता है। हालांकि, इसके बावजूद कभी-कभी खतरनाक ऐप्स भी स्टोर तक पहुंच जाती हैं।

2️⃣ अनऑफिशियल स्टोर और वेबसाइट्स की ऐप्स

ऑफिशियल स्टोर के अलावा कई अनऑफिशियल ऐप स्टोर और वेबसाइट्स भी होती हैं, जहां से ऐप्स डाउनलोड की जा सकती हैं। यहां मौजूद ऐप्स की सेफ्टी की कोई गारंटी नहीं होती। इनमें मालवेयर या वायरस होने का खतरा ज्यादा रहता है, जो फोन और डेटा दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

3️⃣ कस्टम या इन-हाउस ऐप्स

इन्हें एंटरप्राइज ऐप्स भी कहा जाता है। ये आम यूजर्स के लिए नहीं होतीं और न ही किसी ऐप स्टोर पर मिलती हैं। कंपनियां इन्हें अपने ऑफिस या इंटरनल काम के लिए इस्तेमाल करती हैं।

थर्ड-पार्टी ऐप्स के खतरे

आज के दौर में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है और थर्ड-पार्टी ऐप्स इसका जरिया भी बन सकती हैं।

डेटा चोरी का खतरा:

कई ऐप्स देखने में तो काम की लगती हैं, लेकिन बैकग्राउंड में यूजर का पर्सनल डेटा कलेक्ट करती रहती हैं। खासकर अनऑफिशियल सोर्स से डाउनलोड की गई ऐप्स में यह खतरा ज्यादा होता है।

सिक्योरिटी रिस्क:

कुछ ऐप्स पर जासूसी या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने तक के आरोप लग चुके हैं। उदाहरण के तौर पर TikTok को सुरक्षा कारणों से भारत सहित कई देशों में बैन किया गया।

मालवेयर और वायरस:

अनऑफिशियल लिंक या संदिग्ध वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करने पर मालवेयर का रिस्क रहता है। ऐसे ऐप्स आपके फोन की एक्सेस लेकर फाइनेंशियल फ्रॉड या अनऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन तक कर सकते हैं।

थर्ड-पार्टी ऐप्स डाउनलोड करते समय क्या सावधानी रखें?

हमेशा ऐप्स को ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।

डाउनलोड से पहले ऐप के रिव्यू और रेटिंग जरूर चेक करें।

डेवलपर ने ऐप की डेटा पॉलिसी और जानकारी कितनी साफ दी है, यह देखें।

यह भी ध्यान रखें कि ऐप को रेगुलर अपडेट मिलते हैं या नहीं, क्योंकि अपडेट न होने से सिक्योरिटी खामियां रह सकती हैं।

निष्कर्ष

थर्ड-पार्टी ऐप्स हमारी डिजिटल लाइफ को आसान बनाती हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान भी पहुंचा सकती है। सही सोर्स से ऐप डाउनलोड करना और जरूरी सावधानियां बरतना ही आपको सुरक्षित रख सकता है।

Rohit Singh
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रोहित सिंह के पास मीडिया इंडस्ट्री में 3 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कंटेंट राइटर के रूप में की थी और अपनी मेहनत व लगन से अब रोहित ने मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, और अन्य कई समाचार को कवर किया है। वर्तमान में, वह टेक, बिजनेस ,पर्सनल फाइनेंस सेक्शन में कार्यरत है।

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