होम देश-विदेश एंटरटेनमेंट ऑटो न्यूज़ टेक न्यूज़ बिजनेस न्यूज़ जॉब और करियर डाइट और फिटनेस वैकल्पीप चिकित्सा धर्म खेल सक्सेस स्टोरी वेब स्टोरी

Gustaakh Ishq Review: नसीरुद्दीन शाह–विजय वर्मा की सुकून Bhari फिल्म या बोरियत? पढ़ें पूरा रिव्यू

Gustaakh Ishq Movie Review In Hindi: आज के दौर में जब सिनेमाघरों में सिर्फ अंग्रेज़ी धांसू VFX, तेज़ लड़ाई-झगड़े और मसाला एंटरटेनमेंट का शोर है, ऐसे में विभु पुरी की नई फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ एक शांत, ठंडी हवा के झोंके की तरह लगती है।

Gustaakh Ishq Review: नसीरुद्दीन शाह–विजय वर्मा की सुकून Bhari फिल्म या बोरियत? पढ़ें पूरा रिव्यू
Image Source By X (Manish Malhotra Production Film)

Vijay Varma New Movie Review: ये फिल्म दर्शकों को धीरे-धीरे अपनी दुनिया में ले जाती है—बिना हड़बड़ी, बिना तेज़ आवाज़… बस सुकून से बहती हुई एक कहानी।.

Naseeruddin Shah Film Review:
28 नवंबर को रिलीज़ हुई यह फिल्म दिल को छूने वाली पुरानी लय की याद दिलाती है। लेकिन क्या यह धीमापन दर्शकों को जोड़कर रखता है या बीच में बोर कर देता है? अगर आप इस वीकेंड फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले पूरा रिव्यू जरूर पढ़ें।

WhatsApp Group
Join Now
Telegram Group
Join Now

Gustaakh Ishq फिल्म की कहानी 

Gustaakh Ishq Story: कहानी घूमती है नवाबुद्दीन (विजय वर्मा) के इर्द-गिर्द। वह अपने दिवंगत पिता की बंद पड़ी प्रिंटिंग प्रेस को दोबारा जीवित करना चाहता है। इसी तलाश में उसे पता चलता है कि मशहूर लेकिन गुमनाम शायर अजीज बेग (नसीरुद्दीन शाह) की कई अनछपी शायरियां आज भी दुनिया से छिपी हैं।

अजीज बेग अपनी बेटी मिन्नी (फातिमा सना शेख) के साथ एक शांत, एकांतभरी जिंदगी बिता रहे हैं। नवाबुद्दीन बहाना बनाकर उनकी शायरी सीखने आता है, लेकिन असली मकसद उनकी अनछपी किताब को छापना है।

मिन्नी कोशिश करती है कि उसके पिता अपनी जिद छोड़ें, लेकिन अजीज बेग एक ही बात पर अड़े हैं—
“शोहरत का शोर मेरी शायरी को गंदा कर देता है।”

अब सवाल है—
क्या नवाबुद्दीन अपने इरादे में कामयाब होगा?
क्या मिन्नी और नवाबुद्दीन की बढ़ती करीबियां कोई नया मोड़ लाएंगी? सच जानने के लिए थिएटर जाना ही होगा।

फिल्म कैसी है? – एक धीमी, खूबसूरत लेकिन अधूरी कविता

‘गुस्ताख इश्क’ की सबसे बड़ी खूबी उसकी लय है। यह फिल्म जल्दी करने की कोशिश नहीं करती—हर सीन एक पेंटिंग की तरह लगता है।

पुरानी हवेली पर पड़ती हल्की धूप

चाय की भाप में घुलती शायरी

वक़्त के साथ पीले पड़े खत

और गहरी, खामोश उदासी

ये सब फिल्म का ऐसा माहौल बनाते हैं, जिसे सिर्फ देखा नहीं, महसूस किया जाता है। बैकग्राउंड स्कोर बेहद soulful है—न बहुत तेज़, न बहुत कम—बस कहानी में घुला हुआ।

लेकिन…

कुछ जगहों पर यही धीमापन बोर भी करता है।
जहां फिल्म को दिल तोड़ देने वाला मोड़ चाहिए था, वहाँ यह थोड़ा संकोची और सभ्य नजर आती है।
जेन-ज़ी ऑडियंस के लिए यह फिल्म धैर्य की परीक्षा भी बन सकती है।

एक्टिंग — शाह और वर्मा की खामोश जुगलबंदी

नसीरुद्दीन शाह — फिल्म की धड़कन

उन्होंने अकेले, टूटे, दुनिया से कटे शायर की भूमिका में जान डाल दी है। उनकी आँखें इतना कुछ कहती हैं कि डायलॉग की जरूरत ही नहीं पड़ती।

 विजय वर्मा — सधी, पकी हुई अभिनय कला

विजय वर्मा ने खुद को इस बार बेहद शांत, गहराई में उतरा हुआ और परतदार दिखाया है। नसीरुद्दीन शाह के साथ उनकी कैमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।

 फातिमा सना शेख — खूबसूरत लेकिन सीमित

फातिमा की एक्टिंग ठीक है, लेकिन उनका किरदार उतना मजबूत नहीं लिखा गया। वह कहानी को आगे बढ़ाती हैं, लेकिन कोई “वाओ” मोमेंट नहीं बनता।

निर्देशन और विजुअल्स — विभु पुरी की दुनिया मोह लेती है

विभु पुरी का निर्देशन बेहद स्टाइलिश और कलात्मक है। हर फ्रेम, हर शॉट, हर सेट—बहुत ध्यान से डिजाइन किया गया है।

फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन और कॉस्ट्यूम्स लाजवाब हैं और यह कोई सरप्राइज नहीं, क्योंकि मनीष मल्होत्रा ने बतौर प्रोड्यूसर यहां शानदार काम किया है।

ये फिल्म साबित करती है कि जब विजुअल खूबसूरती और गहरी कहानी मिलती है, तो सिनेमा एक फील बन जाता है। एक कविता, एक एहसास।

Gustaakh Ishq देखें या न देखें?

देखें, अगर —

आपको धीमी, शायरी जैसी बहती फिल्में पसंद हैं

आप कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा के शौकीन हैं

नसीरुद्दीन शाह और विजय वर्मा के फैन हैं

आप खूबसूरत विजुअल्स और soulful सिनेमा पसंद करते हैं

ना देखें, अगर —

आपको हर 10 मिनट में ट्विस्ट चाहिए

आप फास्ट-पेस्ड, मसाला एंटरटेनमेंट पसंद करते हैं

आप धैर्य की फिल्में नहीं देख पाते

फिल्म के कुछ हिस्से कमज़ोर लगते हैं, लेकिन उसके बावजूद यह फिल्म अपने साथ गहरे, नर्म, खूबसूरत लम्हे छोड़कर जाती है। एक लाइन, एक नजर, एक धुन… जो फिल्म खत्म होने के बाद भी मन में गूंजती रहती है।

अगर आप कुछ अलग, कुछ शांत और कुछ दिल से महसूस होने वाला सिनेमा देखना चाहते हैं।
Gustaakh Ishq’ आपके लिए ही बनी है।

Arpita Dutta
Follow
WhatsApp Group
Join Now
Telegram Group
Join Now

अर्पिता वर्तमान में PowersMind में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया क्षेत्र में 2 से अधिक वर्षों का अनुभव रखती हैं। वह एंटरटेनमेंट क्षेत्र में रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म समीक्षा, इंटरव्यू और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखती हैं। अर्पिता ने मंगलायतन यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और गुरु जंबेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर किया है।

Leave a Comment